Thyroid symptoms in Female in hindi : आज के इस आर्टिकल में हम आपके लिए लेकर आएं हैं Thyroid symptoms in Female in hindi-थायराइड के लक्षण, कारण, घरेलू उपचार और परहेज के बारे में जानकारी। हमारे देश में डायबिटीज और दिल की बीमारी के बाद सबसे अधिक होने वाली बीमारी थायरॉइड है। यहां आपको बता दें कि जिन लोगों को यह बीमारी होती है उनके शरीर में या तो बहुत ज्यादा या फिर बहुत कम हार्मोन बनते हैं जिसकी वजह से पीड़ित व्यक्ति थका थका रहता है और इसके अलावा उसके अंदर बेचैनी भी बनी रहती है। साथ ही साथ उसका वजन बहुत ज्यादा बढ़ सकता है या फिर कम भी हो सकता है। यह समस्या विशेष तौर पर महिलाओं में देखने को ज्यादा मिलती है। अगर आप भी थायरॉइड(symptoms of thyroid in hindi) के बारे में सारी जानकारी जानना चाहते हैं तो हमारे आज के इस आर्टिकल को पूरा पढ़ें और जानें इससे जुड़ीं सभी महत्वपूर्ण बातें।
थायरॉइड क्या होता है (what is thyroid in Hindi)
सबसे पहले आपको यह बता दें कि थायरॉइड ग्रंथि बहुत ही छोटी सी होती है जो हर व्यक्ति की गले में सांस की नली के ऊपर स्थित होती है। यह तितली के साइज की ग्रंथि है और उसका वजन तकरीबन 20 ग्राम के आसपास होता है। इस ग्रंथि का मुख्य तौर पर काम एनर्जी और मेटाबॉलिज्म को कंट्रोल करने का होता है। लेकिन समस्या तब उत्पन्न होती है जब बहुत ज्यादा हार्मोन बढ़ने लगता है या फिर हार्मोन पैदा ही नहीं होता। यहां आपको बता दें कि जब व्यक्ति के शरीर में हार्मोन कम या ज्यादा हो जाता है तो उसकी वजह से उसे गंडमाला , हाशिमोटो रोग, ग्रेव्स रोग, थायरॉइड नोड्यूल्स जैसे विकार उत्पन्न हो जाते हैं। यह बीमारी महिलाओं और पुरुषों दोनों को ही होती है लेकिन महिलाओं में यह अधिक पाई जाती है। इस वजह से महिलाओं के शरीर पर तो असर पड़ता ही है साथ ही साथ उनकी मेंटल हेल्थ भी इससे प्रभावित हो सकती है।
थायरॉइड कितने प्रकार का होता है (thyroid types in Hindi)
अब आपको बता दें कि थायरॉयड के दो तरह के प्रकार होते हैं जो कि इस तरह से हैं –
- हायपरथायराइडिज्म – यह थायराइड का एक ऐसा प्रकार है जिसमें थायरॉयड ग्रंथि बहुत ही ज्यादा सक्रिय हो जाती है जिसकी वजह से थायरायड में हार्मोन बहुत ही ज्यादा बनने लगता है। साथ ही बता दें कि इससे जो लोग पीड़ित होते हैं उनको गंडमाला की समस्या हो जाती है और व्यक्ति का वजन भी कम हो जाता है।
- हाइपोथायरायडिज्म – यह थायराइड का दूसरा प्रकार है जिसमें थायराइड ग्रंथि बहुत ही कम एक्टिव हो जाती है और इस वजह से हार्मोन का उत्पादन ठीक प्रकार से नहीं हो पाता। यहां बता दें कि सर्जरी करवा कर थायराइड ग्रंथि को हटाकर इसका इलाज करवाया जा सकता है। यहां आपको बता दें कि इस प्रकार जिन लोगों के शरीर में थायराइड हार्मोन सही मात्रा में नहीं पैदा होता वह बहुत मोटे हो जाते हैं।
महिलाओं में थायरॉयड के लक्षण कैसे पहचानें (thyroid symptoms in Female in Hindi / Thyroid symptoms in hindi)
जैसा कि हमने बताया कि पुरुषों की तुलना में थायरायड महिलाओं को अधिक होता है और साथ ही बताते चलें कि इसके कुछ विशेष लक्षणों को पहचान कर बीमारी का पता लगाकर उसका सही टाइम पर इलाज करवाया जा सकता है। निम्नलिखित हम आपको बता रहे हैं कि किसी महिला में थायरॉइड होने के लक्षण क्या-क्या होते हैं –
हायपरथायराइडिज्म के लक्षण (Thyroid symptoms in hindi)
- शरीर का वजन कम हो जाना।
- गर्मी को बिल्कुल भी सहन नहीं करना।
- दिन में बार बार मल त्याग करने के लिए जाना।
- शरीर में कंपकंपी और झटके जैसी समस्या।
- थायराइड ग्रंथि का साइज बढ़ जाना।
- थकान के साथ-साथ अनिद्रा की समस्या।
- शरीर की मांसपेशियों में कमजोरी।
- हर समय चिंता या एंजाइटी जैसी स्थिति।
- डायरिया और दस्त जैसी परेशानी होना।
हाइपोथायरायडिज्म के लक्षण
- थकावट महसूस होना।
- मांसपेशियों में बहुत ज्यादा कमजोरी लगना और ऐंठन होना।
- बहुत ज्यादा ठंड लगना।
- वजन का बढ़ जाना।
- याददाश्त कमजोर हो जाना।
- बाल रूखे और बेजान से हो जाना।
- अधिकतर चिड़चिड़ापन और डिप्रेशन जैसी स्थिति।
- शरीर में कोलेस्ट्रॉल लेवल बढ़ जाना।
- दिल की गति का बहुत धीमा हो जाना।
- कब्ज की समस्या बनी रहना।
- माहवारी यानी कि मंथली पीरियड्स में दिक्कतें होना।
- स्किन के रंग में बदलाव होना।
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थायरॉइड का इलाज करने का तरीका (thyroid treatment in Hindi)
जिन महिलाओं को थायरॉयड की समस्या हो जाती है तो उसका इलाज उसके लक्षणों को देखते हुए किया जाता है जो कि इस तरह से है –
हायपरथायराइडिज्म का इलाज
अगर आपको थायरॉयड की समस्या हो गई है तो आपको चाहिए कि आप बिना टाइम गवाए डॉक्टर से संपर्क करें क्योंकि सही टाइम पर इलाज बहुत जरूरी होता है। बताते चलें कि निम्नलिखित तरीकों से इसका उपचार कर सकता है जैसे कि –
- सर्जरी के द्वारा
- एंटी थायराइड दवाओं की मदद से इसे कंट्रोल या धीमा किया जा सकता है।
- रेडियोधर्मी आयोडाइड ट्रीटमेंट के द्वारा।
हाइपोथायरायडिज्म का इलाज
जिन महिलाओं को हाइपोथायरायडिज्म की समस्या होती है उनका थायरॉयड किसी भी दवाई या सर्जरी से बूस्ट नहीं हो सकता इसलिए डॉक्टर रोगी को आमतौर पर लेवोथायराक्साईन को प्रिसक्राइब करते हैं। यहां आपको बता दें कि इस दवाई से आपको घबराहट या फिर सीने में दर्द जैसी परेशानी हो सकती है। लेकिन अगर आप दवा सही तरह से लेंगे तो आपको काफी फायदा मिलेगा।
थायरॉयड का घरेलू इलाज क्या है (thyroid home remedies in Hindi)
जब किसी महिला को थायरॉयड की बीमारी अपनी चपेट में ले ले तो उसे चाहिए कि वह दवाइयों के सेवन के साथ-साथ अपने भोजन के ऊपर भी विशेष तौर पर ध्यान दें। इसलिए आप अपने आहार में जंक फूड, शुगर, ग्लूटेन इत्यादि को लेना बंद कर दें। इसके अलावा भी आप थायरॉयड को ठीक करने के लिए निम्नलिखित उपाय अपना सकते हैं –
- हर हफ्ते कम से कम 2 बार समुद्री वनस्पति अपने आहार में खाएं क्योंकि इन में आयोडीन की मात्रा बहुत ही ज्यादा होती है।
- अपने एंड्रोक्राइन सिस्टम को अच्छा बनाने के लिए आपको चाहिए कि अपने खाने में बटर को इस्तेमाल करें।
- जब भी खाना खाएं तो हमेशा एक समय पर और आराम से बैठकर खाएं और अच्छी तरह से चबाकर खाना खाना चाहिए।
- हर दिन अपनी लाइफ में योगासन को शामिल कर लें जिसकी वजह से आपका एंडोक्राइन सिस्टम एक्टिव होगा।
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कंक्लुजन (symptoms of thyroid in hindi)
दोस्तों यह था हमारा आज का आर्टिकल Thyroid symptoms in Female in hindi-थायराइड के लक्षण, कारण, घरेलू उपचार और परहेज और इस पोस्ट में हमने आपको (thyroid symptoms in women in Hindi ) से जुड़ी हुई सारी महत्वपूर्ण जानकारी दे दी है जो कि आपके लिए काफी अधिक फायदेमंद रहीं होंगी। इसलिए अंत में हमारी आपसे यही रिक्वेस्ट है कि अगर आपको हमारा यह आर्टिकल अच्छा लगा हो तो इसे दूसरों के साथ भी जरूर शेयर करें और यदि आपके मन में किसी भी तरह का कोई सवाल है तो आप हमसे कमेंट करके पूछ सकते हैं