spirulina benefits in hindi – स्पिरुलिना के फायदे(spirulina ke fayde) और नुकसान

spirulina benefits in hindi : आज के इस आर्टिकल में हम आपके लिए लेकर आए हैं spirulina benefits in hindi-स्पिरुलिना के फायदे(spirulina ke fayde) और नुकसान के बारे में जानकारी। प्रकृति में ऐसे बहुत सारी वनस्पतियां मौजूद है जो व्यक्ति के स्वास्थ्य को बेहतर करने में फायदेमंद होती हैं। ऐसी ही एक औषधीय गुणों वाली वनस्पति है स्पिरूलिना। यह पानी के अंदर पाई जाती है पर यह भी हो सकता है कि आपने इसका नाम आज पहली बार सुना हो। लेकिन यह औषधि सालों पुरानी है जिसका प्राचीन समय से ही आयुर्वेदिक औषधी के तौर पर इस्तेमाल होता रहा है। अगर आप भी इस वनस्पति से अपरिचित है तो स्मार्ट जिंदगी के हमारे आज के इस पोस्ट को सारा पढ़ें और जानें स्पिरूलिना के बारे में सारी बातें विस्तार से।

स्पिरूलिना क्या होती है (what is Spirulina in Hindi)

यहां आपको बता दें कि स्पिरूलिना पानी के अंदर पाए जाने वाली एल्गी यानी कि वनस्पति होती है। यह केवल ताज़े पानी में ही मौजूद होती है और यह आमतौर पर हरी-नीली एल्गी के नाम से जानी जाती है। इसके अंदर बहुत सारे पोषक तत्व पाए जाते हैं और इसी वजह से इसका इस्तेमाल किया जाता है। इसकी गंध और इसका स्वाद बहुत ज्यादा तेज होता है।

स्पिरूलिना से जुड़ी हुई कुछ महत्वपूर्ण बातें

वनस्पति का नाम स्पिरूलिना
कहां पाई जाती है झीलों, प्राकृतिक झरनों
रंग गहरा नीला-हरा
गंध तेज
पोषक तत्व प्रोटीन, विटामिन, आयरन, कैल्शियम, कॉपर
क्यों फेमस है औषधीय गुणों के कारण

स्पिरूलिना में पाए जाने वाले पोषक तत्व (spirulina nutrients in hindi)

स्पिरूलिना में बहुत सारे पोषक तत्व भरपूर मात्रा में मौजूद होते हैं जिनके बारे में हम निम्नलिखित जानकारी दे रहे हैं –

  • प्रोटीन
  • ऊर्जा
  • कार्बोहाइड्रेट
  • फाइबर
  • शुगर
  • कैल्शियम
  • आयरन
  • मैग्नीशियम
  • फास्फोरस
  • पोटेशियम
  • सोडियम
  • जिंक
  • विटामिन
  • थियामिन
  • राइबोफ्लेविन
  • नियासिन
  • लिपिड

स्पिरूलिना के फायदे (spirulina benefits in hindi)

स्पिरूलिना के अंदर औषधीय गुण होते हैं जिसकी वजह से यह कई प्रकार के रोगों में उपयोगी साबित हो सकती है जैसे कि –

स्पिरूलिना के फायदे कैंसर से बचाव करने में

स्पिरूलिना के अंदर फाइकोसाइनिन नाम का एक योगिक होता है जो कैंसर के जोखिम को कम करने के साथ-साथ इससे बचाव में भी सहायक हो सकता है। परंतु यहां पर हम आपको यही राय देंगे कि अगर आपको कैंसर जैसी बीमारी हो गई है तो ऐसे में आपको बिना टाइम वेस्ट किए तुरंत डॉक्टर से अपना इलाज शुरू करवाना चाहिए।

बड़े हुए रक्तचाप को करे कंट्रोल स्पिरूलिना

बहुत से लोग हाई ब्लड प्रेशर की समस्या से पीड़ित रहते हैं जिसकी वजह से उन्हें दिल की बीमारी भी हो सकती है। ऐसे में उन लोगों को चाहिए कि वो स्पिरूलिना का इस्तेमाल करें। क्योंकि इसके अंदर एंटी हाइपरटेंसिव गुण पाए जाते हैं जो व्यक्ति के हाई बीपी को कंट्रोल करने में हेल्प कर सकते हैं।

स्पिरूलिना के लाभ दिल के लिए

जो लोग मोटापे, हाई ब्लड प्रेशर या फिर डायबिटीज से पीड़ित हैं तो उनको इनकी वजह से दिल की बीमारी होने का खतरा बना रहता है। तो अगर आप चाहते हैं कि आपका दिल शारीरिक रोगों से बचा रहे तो आपको इसके लिए स्पिरूलिना वनस्पति का इस्तेमाल करना चाहिए। यहां बताते चलें कि इसके अंदर एंटी हाइपरलिपिडेमिया के गुण के साथ-साथ शुगर और मोटापे को कंट्रोल करने वाले प्रभाव भी पाए जाते हैं। साथ ही बता दें कि इसके अंदर जो एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं वह व्यक्ति के शरीर को फ्री रेडिकल्स के प्रभाव से भी बचाने का काम करते हैं। इस वजह से इसका सेवन करके रोग के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

स्पिरूलिना के फायदे मस्तिष्क के स्वास्थ्य के लिए

यदि कोई व्यक्ति अपने मस्तिष्क के स्वास्थ्य को बेहतर बनाना चाहता है तो उसको स्पिरूलिना का उपयोग अवश्य करना चाहिए। यहां आपको बता दें कि इसके अंदर कुछ ऐसे घटक मौजूद होते हैं जो मस्तिष्क की सूजन को भी कम करते हैं और साथ ही साथ याददाश्त को भी मजबूत बनाने में फायदेमंद होते हैं।

इम्यून सिस्टम के लिए स्पिरूलिना के लाभ

शरीर की इम्यूनिटी को बढ़ाने के लिए जरूरी है कि बॉडी में पोषक तत्वों की कमी होने ना पाए। यहां बता दें कि जब शरीर का इम्यूनिटी सिस्टम कमजोर हो जाता है तो हर व्यक्ति को कई प्रकार की बीमारियां लग जाती हैं। इसलिए आप अपने इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाएं रखने के लिए स्पिरूलिना का सेवन करें।

एनीमिया में स्पिरूलिना के बेनिफिट्स

जो लोग एनीमिया से पीड़ित होते हैं उनमें या तो लाल रक्त कोशिकाओं की कमी होती है या फिर उनके खून में हीमोग्लोबिन की मात्रा कम होती है। इसी वजह से ऐसे लोगों को हर टाइम थकान के साथ-साथ कमजोरी महसूस होती है। ऐसे लोगों को चाहिए कि वो स्पिरूलिना का प्रयोग करें। जानकारी दे दें कि इसके अंदर आयरन और फोलेट होता है जो कि शरीर में हीमोग्लोबिन के लेवल को बढ़ाता है और व्यक्ति को एनीमिया से छुटकारा दिला सकता है।

डाइजेस्टिव सिस्टम को करता है बेहतर

अगर किसी का डाइजेस्टिव सिस्टम ठीक नहीं रहता है तो उसे चाहिए कि अपने आहार में फाइबर की मात्रा को बढ़ा दें। यहां आपको बता दें कि स्पिरूलिना का सेवन करके आप अपने डाइजेस्टिव सिस्टम को बेहतर कर सकते हैं। इसके अंदर फाइबर भरपूर मात्रा में होता है जो पाचन शक्ति को मजबूत बनाने के अलावा कब्ज से भी छुटकारा दिला सकता है।

स्पिरूलिना के फायदे कैंडिडा के लिए

कैंडिडा एक प्रकार का संक्रमण होता है जो व्यक्ति के शरीर के साथ-साथ हर जगह पर उपस्थित रहता है। इसलिए अगर किसी व्यक्ति का इम्यून सिस्टम कमजोर होता है तो यह संक्रमण उसके शरीर के अंदर तेजी के साथ फैलता है। ऐसे में स्पिरूलिना का सेवन करके कैंडिडा होने के खतरे को कम किया जा सकता है। यहां बता दें कि इसके अंदर एंटीफंगल गुण पाए जाते हैं जो कि कैंडिडा के रोगी को राहत पहुंचा सकते हैं।

आंखों की हेल्थ के लिए स्पिरूलिना

आंखें बहुत ज्यादा नाजुक होती है इसीलिए जब आंखों पर बहुत ज्यादा रोशनी पड़ती है तो उसकी वजह से उन पर ऑक्सीडेटिव तनाव का प्रभाव हो जाता है जिसकी वजह से व्यक्ति अंधेपन का शिकार हो सकता है। तो अगर ऐसे में स्पिरूलिना का प्रयोग किया जाए तो आंखों से जुड़ी हुई कई प्रकार की बीमारियों से बचाव किया जा सकता है जैसे कि मोतियाबिंद, आंखों की रोशनी कम होना इत्यादि। जानकारी दे दें कि इसके अंदर जो एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं वह आंखों के ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को दूर करने में सहायक हो सकते हैं।

स्किन के लिए स्पिरूलिना के बेनिफिट्स

स्पिरूलिना के अंदर विटामिन ई और सेलेनियम काफी अधिक मात्रा में होते हैं जो आपके चेहरे की एजिंग प्रोसेस को कम करने में सक्षम हो सकते हैं। इसके अलावा इसमें पाया जाने वाला टायरोसिन स्किन की कोशिकाओं की एजिंग प्रोसेस को धीमा करने में हेल्प कर सकता है। इस प्रकार से व्यक्ति के चेहरे पर झुर्रियों का बनना खत्म हो जाता है।

स्पिरूलिना का उपयोग कैसे किया जाता है (how to use spirulina in hindi)

अब यहां आपको जानकारी के लिए बता दें कि अगर आप इस वनस्पति का उपयोग करना चाहते हैं तो इसका तरीका हम निम्नलिखित बता रहे हैं –

  • इसका उपयोग फलों के जूस में मिलाकर किया जा सकता है।
  • पाउडर या फिर कैप्सूल के रूप में भी इसको इस्तेमाल किया जाता है।
  • स्नैक्स के तौर पर भी इसका प्रयोग किया जा सकता है लेकिन इसके लिए जरूरी है कि यह सूखी हो।

स्पिरूलिना से होने वाले नुकसान (side effect of spirulina in hindi) 

स्पिरूलिना वनस्पति के वैसे तो बहुत सारे फायदे हैं लेकिन अगर कोई व्यक्ति इसका जरूरत से ज्यादा सेवन करता है तो इसके कुछ नुकसान भी हो सकते हैं जैसे कि –

  • व्यक्ति का पेट खराब होने के साथ-साथ उसको दस्त की समस्या हो सकती है।
  • अधिक सेवन करने पर पेट में दर्द हो सकता है और पेट फूल भी सकता है।
  • एडिमा यानी की सूजन की समस्या हो सकती है।
  • सिरदर्द हो सकता है।
  • मांसपेशियों में दर्द की प्रॉब्लम हो सकती है।
  • स्किन लाल हो सकती है और व्यक्ति को पसीना भी आ सकता है।

ये भी पढ़े : sesame seeds in hindi – तिल के फायदे (til ke fayde), उपयोग और नुकसान

Giloy benefits in hindi – गिलोय के फायदे और नुकसान इन हिंदी

कंक्लुजन (spirulina benefits in hindi)

दोस्तों यह था हमारा आज का आर्टिकल spirulina benefits in hindi – स्पिरुलिना के फायदे और नुकसान और इस पोस्ट में हमने आपको (spirulina ke fayde in hindi) से जुड़ी हुई सारी महत्वपूर्ण जानकारी दे दी है जो कि आपके लिए काफी अधिक फायदेमंद रहीं होंगी। इसलिए अंत में हमारी आपसे यही रिक्वेस्ट है कि अगर आपको हमारा यह आर्टिकल अच्छा लगा हो तो इसे दूसरों के साथ भी जरूर शेयर करें और यदि आपके मन में किसी भी तरह का कोई सवाल है तो आप हमसे कमेंट करके पूछ सकते हैं ।

Leave a Comment