Benefits of surya namaskar in hindi – सूर्य नमस्कार(surya namaskar steps in Hindi) के अद्भुत परिणाम

Benefits of surya namaskar in hindi : सूर्य नमस्कार एक अत्यंत अद्भुत अभ्यास है। इसे करने से ना केवल भौतिक लाभ मिलता है। बल्कि यह आध्यात्मिक लाभ भी प्रदान करता है। इसे समग्र योग प्रक्रिया कहा जाता है। क्योंकि एकमात्र सूर्य प्रणाम की प्रक्रिया से समस्त आसन और योग का लाभ प्राप्त होता है। हम यहां सूर्य नमस्कार Benefits of surya namaskar in hindi – सूर्य नमस्कार(surya namaskar steps in Hindi) के अद्भुत परिणाम करने के भौतिक और आध्यात्मिक के बारे में आवश्यक जानकारियां साझा करेंगे। इसके साथ किशोरों के लिए इसके विशेषताओं का महत्व बताने वालें हैं साथ ही सूर्य नमस्कार को करने का तरीका भी बता रहे हैं।

सूर्य नमस्कार क्या है? Surya namaskar in hindi

सूर्य नमस्कार 12 आसनों वाला एक संयुक्त अभ्यास है जो योगासनों के क्षेत्र में एक अद्भुत अभ्यास है। इससे शरीर स्वस्थ रहता है और क्रियाशीलता में वृद्धि होती है। यह आत्मो थान में सहायक है।

सूर्य नमस्कार अभ्यास का संयुक्त परिणाम चेतनातमक विकास के रूप में सामने आता है। इसमें आसन प्राणायाम और ध्यान क्रिया एक साथ चलती है। इसी वजह से इसे एक पूर्ण अभ्यास कहा जाता है। कम समय कम श्रम और व्यस्त जीवन व्यतीत करने वालों के लिए यह अति आवश्यक योगासन है। इसके बहुत ही ज्यादा लाभ है।

इसके प्रथम मुद्रा सूर्य की ओर मुख करके खराब हो जाता है और पर क्यों प्रणाम किया जाता है जिस वजह से यह सूर्य नमस्कार कहलाता है। अध्यात्म के अनुसार जब इसकी सभी आसनों को कोई व्यक्ति पूर्ण रूप से करता है तो उससे एक सूक्ष्म ऊर्जा प्रभावित होती है और उसमें एक लयबद्धता आती है और साधक का सोच संसार के प्रति सकारात्मक हो जाती है।

सूर्य नमस्कार के 12 आसन निम्न रूप से हैं– Surya namaskar steps in Hindi 

आईये आज हम आपको सूर्य नमस्कार के कितने स्टेप (Surya namaskar steps in Hindi) और कितने poses होते है इसके बारे में विस्तार से चर्चा करते है (surya namaskar poses name in hindi)

  1. प्रणाम आसन

यह सूर्य नमस्कार का पहला अभ्यास है इसमें दोनों पैर मिलाकर सूर्य की ओर मुंह करके खड़े हो। दोनों हाथ को जोड़कर सीने के पास प्रणाम की मुद्रा में रखें। अपने दृष्टि को सामने की ओर रखें।

  1. हस्त उत्तानासन

दोनों हाथों को श्वास भरते हुए ऊपर उठाएं।

  1. पादहस्तासन

श्वास छोड़ते हुए मस्तक को घुटने से वाह हाथों को जमीन से लगाने का प्रयास करें।

  1. अश्व संचालन आसन

एक पैर को पीछे ले जाएं पा दोनों हाथों को एक साथ आगे वाले पेड़ के पास एक साथ रखें। छाती को ऊपर उठाएं।

  1. दंडासन

इस आसन में दोनों हाथों को आगे रखें वा दोनों पैरों को पीछे ले जाएं इसमें शरीर की दशा डंडे के समान होती है।

  1. अष्टांग नमस्कार

इस आसन में स्वास्थ छोड़ते हुए घुटने, छाती, ठुड्डी व मस्तक को जमीन पर लगाएं।

  1. भुजंगासन

दोनों हाथों को कंधे के पास रखते हुए धर वाले हिस्से को ऊपर उठाएं। यह क्रिया को स्वास लेते हुए किया जाता है।

  1. पर्वतासन

इसमें श्वास छोड़ते हुए मस्तक को जमीन से लगाया जाता है और कमर आसमान की ओर निकालते हुए नाभि देखने का प्रयास किया जाता है।

  1. अश्व संचालन आसन

यह आसन चार की तरह है अतः इसमें फिर से एक पैर को पीछे ले जाएं और दोनों हाथों को एक साथ रखें तथा छाती को ऊपर उठाएं।

  1. पादहस्तासन

यह आसन संख्या 3 के जैसी है अतः श्वास छोड़ते हुए मस्तक को घुटने से व हाथों को जमीन से लगाने का प्रयास करें।

  1. हस्त उत्तानासन

यह आसन संख्या दो के जैसी है अतः दोनों हाथों को श्वास भरते हुए ऊपर उठाएं।

  1. प्रणाम आसन

पुनः आसन संख्या एक के जैसे सूर्य को नमस्कार करने वाला आसन है। इसमें दोनों पैर मिलाकर सूर्य की ओर मुंह कर कर दोनों हाथों को जोड़कर सीने के पास प्रणाम की मुद्रा में रखें। अपने दृष्टि को सामने की ओर रखें।

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सूर्य नमस्कार के अद्भुत परिणाम-Benefits of surya namaskar in hindi

यदि किसी व्यक्ति को विज्ञान और अध्यात्म के मेल की सरल दर्शन करने की इच्छा हो तो वह इसे सूर्य नमस्कार के जरिए कर सकता है क्योंकि प्राचीन ऋषि महात्माओं से लेकर वैज्ञानिकों तक ने इस अभ्यास को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया है। इसके लाभ के नए नए आयाम खुलकर सामने आ रहे हैं। इस अर्थ में या विज्ञान एवं आध्यात्मिक के मेल को प्रदर्शित करता है। सूर्य नमस्कार के अनन्य लाभ है परंतु इसके कई लाभ अभी भी गुप्त हैं हालांकि जो ज्ञात हो चुके लावो के वर्णन है उनसे कई मोटी पुस्तक कम पड़ जाएंगे। इस वजह से इस जानकारी में हम आपको पूरी तरह से जानकारी नहीं दे सकते परंतु हम आपको कई लाभ के बारे में बताते हैं।

भौतिक लाभ सूर्य नमस्कार करने से विभिन्न रोगों से छुटकारा मिलता है और यह स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होता है। इसके विभिन्न आसनों का शरीर के विभिन्न अंगों पर विशिष्ट प्रभाव होता है जिनके अनेक लाभ होते हैं।

प्रणाम आसन, हस्त उत्तानासन, पादहस्तासन, अस्वसंचालनासन, पर्वतासन, भुजंगासन को करने से इसके भौतिक लाभ प्राप्त होते हैं। इसका अभ्यास विभिन्न रोगों से मुक्त कर शरीर को स्वस्थ बनाता है। इससे फोड़े फुन्सियां, अग्नि मनदंता, दुर्बलता, गठिया, दमा, सिर दर्द, स्थूलता, फेफड़े संबंधी दोष, अपच, कब्ज, गुर्दे के रोग, मधुमेह, निम्न रक्तचाप, मिर्गी, यकृत संबंधी रोग, अंतः स्रावी ग्रंथियों का असंतुलन तथा विभिन्न प्रकार के मनोरोग आदि का नाश होता है।

सूर्य नमस्कार का किशोरों पर प्रभाव

  1. शारीरिक मानसिक रोग का नाम

किशोरावस्था के साथ अनेक प्रकार की भावनात्मक समस्याएं पैदा होने लगती है। इस स्थिति में किशोर मन इन भावनात्मक आघातों को सह नहीं पाता है और इससे व्यक्तित्व उलझाव आने लगता है। फल स्वरूप अनेक प्रकार के शारीरिक मानसिक रोग पनपने लगता है। इस स्थिति को सूर्य नमस्कार के नियमित अभ्यास से रोका जा सकता है

  1. पीनियल ग्रंथि के क्षय का नियंत्रण

8 वर्ष की आयु से पीनियल ग्रंथि का क्षय शुरू हो जाता है तथा 12 से 14 वर्ष में विकाश प्रारंभ होने लगता है। किशोरों के शरीर में होने वाले शारीरिक एवं भावनात्मक विकास के दौरान व्यक्तित्व विकास के मार्ग में भी परेशानियां आ सकती है। लेकिन यदि वे नियमित रूप से सूर्य नमस्कार करें तो उनके शारीरिक असंतुलन को दूर किया जा सकता है। इससे उनके व्यक्तित्व विकास के साथ-साथ अन्य क्षेत्र में भी संतुलन बनाए रखा जा सकता है।

  1. मेधा संवर्धन

सूर्य नमस्कार से बालक तथा किशोरों का प्रतिभा मेधा संवर्धन भी होता है। इस संदर्भ में कुछ सर्वेक्षण भी किए जा चुके हैं। ऐसे स्थान पर जहां विद्यार्थियों को नियमित रूप से अभ्यास कराया जाता है। और इसके मुकाबले जहां बालकों को अभ्यास नहीं कराया जाता है। वहाँ विद्यार्थियों के विकास का स्तर काफी कम था।  विकास स्तर सिर्फ शैक्षणिक कार्य में ही नहीं बल्कि खेलकूद समाजिक प्रतियोगिता आदि में भी कम होता है। इसीलिए किशोरों के समग्र विकास के लिए इसका नियमित अभ्यास काफी महत्व रखता है।

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निष्कर्ष (Benefits of surya namaskar in hindi) 

दोस्तों यह था हमारा आज का आर्टिकल (Benefits of surya namaskar in hindi) – सूर्य नमस्कार(surya namaskar steps in Hindi) के अद्भुत परिणाम और इस पोस्ट में हमने आपको (surya namaskar poses name in hindi) से जुड़ी हुई सारी महत्वपूर्ण जानकारी दे दी है जो कि आपके लिए काफी अधिक फायदेमंद रहीं होंगी।  सूर्य नमस्कार आज के समय में सभी उम्र के व्यक्तियों के लिए काफी फायदेमंद है। लेकिन सूर्य नमस्कार करने के दौरान इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि ऐसे व्यक्तियों को सूर्य नमस्कार नहीं करना चाहिए जिन्हें उच्च रक्तचाप एवं हृदय से संबंधित बीमारियां हो। इसके अलावा मेरुदंड की समस्या से ग्रसित व्यक्तियों को भी सूर्य नमस्कार करने से बचना चाहिए अन्यथा भविष्य में कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

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