munshi premchand ki kahani in hindi – मुंशी प्रेमचंद की कहानी 

munshi premchand ki kahani in hindi – मुंशी प्रेमचंद की कहानी

मुंशी प्रेमचंद जिनका असली नाम धनपत राय श्रीवास्तव था लेकिन उनको मुंशी प्रेमचंद के नाम से जाना जाता है , जिनका जन्म 31 जुलाई 1880 को उत्तर प्रदेश के वाराणसी से चार मील दूर लमही गाँव में हुआ था और उनका निधन  (08 ऑक्टूबर1936 ) को हुआ । वो हिंदी और उर्दू के सर्वाधिक लोकप्रिय उपन्यासकार , कहानीकार एवं विचारक के रूप में प्रसिद्ध हुए । 

1906 से 1936 के बीच में उनके द्वारा लिखा गया साहित्य इस तीस वर्षो का सामाजिक सांस्कृतिक दस्तावेज है । इनके द्वारा लिखे गए उपन्यास , कहानी हमारे समाज को एक मार्गदर्शक की तरह हमे प्रेरणा देता है । इसलिए इन्हे “उपन्यास सम्राट” के रूप में भी जाना जाता रहा है । मातृभाषा हिंदी को आगे बढ़ाने में मुंशी प्रेमचंद जी का विशेष योगदान रहा है ।

मुंशी प्रेमचंद जी का बचपन बहुत ही संघर्षमय रहा है । जब वो सात साल के थे तो उनकी माता का देहांत हो गया था और उनका विवाह पंद्रह वर्ष में ही हो गया था और विवाह के एक साल के अंदर ही उनके पिता का भी स्वर्गवास हो गया । इसके कारण उनका बचपन संघर्षमय रहा ।

उनको बचपन से ही पढाई में काफी दिलचस्पी थी । प्रेमचंद के साहित्यिक जीवन का आरम्भ 1901 से हो चुका था ।  प्रेमचंद की की काहनिया बच्चों को स्कूलों में भी पढाई जाती है और इनकी कहानियाँ और उपन्यास इतने मजेदार होते है कि जिसे सुनकर हमशा के लिए याद रह जाती है , उनकी कुछ कहानियाँ ऐसे भी है की जितने बार भी आप सुने या पढ़े आप उसी कहानी में आप घुस जाते है और मानो ऐसा लगता है की हम भी उस कहानी के एक पात्र है , उनकी कहानियाँ एकदम प्रतिभिम्ब की तरह होता है , उनकी कुछ कहानियाँ जैसे – पांच परमेश्वर , पूस की रात , दो बैलों की कथा , ईदगाह इत्यादि बहुत प्रसिद्ध हुआ और आज भी स्कूलों में पढ़ाया जाता है ।

आज मैं आपके लिए मुंशी प्रेमचंद जी के कहानियों (Munshi premchand ki kahani in hindi) के कुछ प्रमुख कहानी आपके लिए लेकर आया हूँ  और सबसे ख़ास बात ये है कि उनकी सब कहानियों का संग्रह स्मार्ट ज़िन्दगी के वेबसाइट पे एक साथ आपको मील जायेगा और आपको कहीं भी जाने की जरुरत नहीं पड़ेगा ।

मुंशी प्रेमचंद जी की कहानियाँ हमारे समाज के हर एक आयु वर्ग के लोगो को पढ़ना चाहिए । यहाँ हमने मुंशी प्रेमचंद जी के सभी कहानियों का एक लिस्ट तैयार की है और जो भी आपको उनमे से कहानी अच्छा लगे उस लिंक पे क्लिक करके आप पढ़ सकते है और दूसरे को भी लिंक जरूर शेयर करे ।

नीचे दिए गए लिंक पे क्लिक करके मुंशी प्रेमचंद की कहानियों (stories in hindi by munshi premchand) को पढ़ा जा सकता है और इनमे से कौन सा कहानी आपको सबसे अच्छा लगा उसको कमेंट बॉक्स में कमेंट करके जरूर बताये ।

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इज्ज़त का ख़ून एकता का सम्बन्ध पुष्ट होता है
स्वर्ग की देवी गैरत की कटार
पुत्र-प्रेम शूद्र
स्त्री और पुरुष अपनी करनी
वासना की कड़ियॉँ नेउर
परीक्षा नैराश्य
मुबारक बीमारी निर्वासन
माता का ह्रदय लैला
वफ़ा का खंजर धिक्कार
नरक का मार्ग विजय
उद्धार नैराश्य लीला
एक आंच की कसर पंच परमेश्वर
पूस की रात दो बैलों की कथा
कर्मभूमि अग्नि-समाधि
नमक का दारोगा

Story of munshi premchand in hindi

मंदिर और मस्जिद सैलानी बंदर

 

नबी का नीति-निर्वाह

 

मन का प्राबल्य

 

अलग्योझा

 

आख़िरी तोहफ़ा

 

खुदी

 

राष्ट्र का सेवक

 

प्रतिशोध

 

बड़े बाबू

 

नादान दोस्त

 

शिष्ट-जीवन के दृश्य

 

होली की छुट्टी

 

देवी

 

बड़े बाबू

 

देवी

 

तेंतर

 

घमण्ड का पुतला

 

दंड

 

आधार

 

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