बुक – इंडियन सुपरफूड्स | Indian Superfoods By Rujuta Diwekar – Book Review in Hindi

इंडियन सुपरफूड्स – अपने खाने का तरीका बदलिए 

आज हम डायटीशियन(Dietician) रुजुता दिवेकर (Rujuta Diwekar) द्वारा लिखी किताब “इंडियन सुपरफूड्स(Indian Superfoods in Hindi)” की समीक्षा और छोटा सा सारांश बता रहे हैं. डाइट और न्यूट्रिशन की दुनिया में रुजुता दिवेकर का नाम सभी ने सुना होगा. करीना(Kareena Kapoor) की बहुत ही फेमस जीरो फिगर(zero figure) के पीछे रुजुता की डाइट प्लान (Diet Plan) का ही कमाल था.

रुजुता जी की डाइट बहुत ही बेसिक और लॉजिकल(Logical) होती है. वह लोकल खाने (Local food) पर ज़ोर देती हैं. मतलब खाना वही खाओ जो आप बचपन से खाते आये हो और जो आपकी दादी ,नानी और माता पिता ने बचपन से खिलाया है. अगर आप पंजाब से हो तो छोले चावल,साउथ से हैं तो इडली डोसा , हरयाणा से हैं तो घी मक्खन लगे पराठे आपको कभी मोटा नहीं करेंगे. आप आराम से बिना किसी फ़िक्र के इन्हे खा सकते हैं. 

 रुजुता जी बताती हैं की 20% से भी कम लोग ही ऐसे हैं जो वजन कम करने के बाद उसे सस्टेन(sustain) यानि मेन्टेन(maintain) कर पाने में सक्षम होते हैं. वजन कम करना फिर भी आसान है पर उसे मेन्टेन रखना उतना ही मुश्किल. यह इसलिए क्यूंकि अक्सर लोग शार्ट टर्म डाइट प्लान फॉलो(follow) करके वजन कम तो कर लेते हैं पर वह दोबारा अपनी खान पान की पुरानी आदतों पर आ जाते हैं जिससे वजन फिर से बढ़ने लगता है. क्यूंकि हम में से ज़्यादातर लोग गलत डाइट्स फॉलो (follow)करते हैं.

डाइट वही होनी चाहिए हो हम लाइफटाइम फॉलो (follow) कर सकें और वो हमे कोई सज़ा नहीं लगनी चाहिए बल्कि हमें अपने खान पान को एन्जॉय(enjoy) करना चाहिए. इसलिए रुजुता जी के डाइट प्लान में कुछ अलग नहीं होता और ये आसानी से जीवन भर फॉलो कर सकते हैं. हाँ वो टाइम पर खाने को जोर देती हैं. ठीक वैसे ही जैसे हमारे नाना नानी खाया करते थे. “इंडियन सुपरफूड्स(Indian Superfoods in Hindi)” में आपको ऐसी बहुत सी जानकारी मिलेंगी.

तो आखिर सुपरफूड्स हैं क्या? |What are Super Foods?

Indian Superfoods in HIndi
Indian Superfoods In Hindi

रुजुता जी सुपरफूड्स में इन पांच चीज़ों का समावेश बताती हैं: 

  1. – वह वहीँ पर उत्पन्न होते हो जहाँ आप रहते हैं
  2. – वह माईको न्यूट्रिएंट्स (Micro-nutrients)में रिच (rich)होने क साथ साथ टेस्ट में भी अच्छे हो
  3. – उस प्लांट/ पौधे का हर भाग किसी न किसी उपयोग में लाया जा सके 
  4. – वह आपके खाने में विविधता (diversity) लाते हो 
  5. – वह सस्टेनेबल लाइफस्टाइल में मदद करते हो और लोकल इकॉनमी(economy) को बढ़ावा दे

अगर आप थोड़ा सा ध्यान दें तो देखेंगे की आजकल बाजार में मिलने वाले हेल्थ और इम्युनिटी (health and immunity)  बढ़ाने वाले सप्लीमेंट्स(supplements) जो महंगे दाम पर हमे बेचे जा रहे हैं वह और कुछ नहीं बल्कि हमारे रोज़ के खाने में इस्तेमाल किये जाने वाले और हमारे किचन में आसानी से मिलने वाली चीज़ें ही हैं.

करक्यूमिन टेबलेट्स (curcumin tablets) आजकल इम्युनिटी बूस्टर(immunity booster) के रूप में बिक रही हैं , ये और कुछ नहीं बल्कि हल्दी ही है. मोरिंगा पाउडर (moringa powder)जो ओमेगा ३ रिच सोर्स  (Omega 3 Rich Source) के रूप में बेचा जा रहा है वह और कुछ नहीं बल्कि सांभर में डाला जाने वाला ड्रमस्टिक(Drumstick) है. ऐसी और भी बहुत सारी चीज़ों का जिक्र आपको इस बुक में मिलेगा जिसको पढ़ने के बाद हमे समझ आता है की हम फालतू में ही इन हेल्थ सप्लीमेंट्स (Health supplements) के पीछे भाग रहे हैं असली हेल्थ और सेहत का राज़ तो हमारे किचन में ही हैं. 

डाइनिंग टेबल (dining table) पर खाना न खाकर हम अगर पालथी मारकर(जिसे सुखासन भी कहतें हैं ) वैसे ही खाना खाएं जैसे बचपन में खाया करते थे तो डाइजेशन (digestion) की प्रॉब्लम अपने आप ही सही होने लगेगी. मतलब लोकल खाने के साथ साथ हमे लोकल हैबिट्स(local habits) भी अपनानी चाहिए एक हैल्थी बॉडी के लिए – जैसे वेस्टर्न टॉयलेट्स न यूज़ करके इंडियन टॉयलेट का इस्तेमाल करना. ऐसी बहुत सी छोटी छोटी पर इम्पोर्टेन्ट बातें रुजुता ने अपनी बुक में कवर किया है.

 रुजुता की माने तो हमे हैल्थी (healthy) रहने के लिए महंगे फल जैसे अवोकैडोस(avocados), कीवी (Kiwi) वगैरह खाने की ज़रूरत नहीं है. ये इंडिया के लोकल फल नहीं हैं और इसलिए इनका निर्यात होने के कारण ये महंगे मिलते हैं. प्रकृति ने मौसम और वातावरण के हिसाब से हमे सब कुछ दिया हुआ है. और हमे वही खाना चाहिए जो हमे प्रकृति से मिल रहा है.

इस किताब में रुजुता जी ने 10 इंडियन फूड्स का जिक्र किया है जो बड़ी ही आसानी से हमे इंडिया में ही मिल जाता है. इनके अनेको हेल्थ बेनिफिट्स होने की वजह से इन्हे सुपर फूड्स का दर्जा दिया गया है. 

 

 

लिस्ट ऑफ़ द टॉप 10  इंडियन सुपरफूड्स:

  (List of top 10 Indian superfoods in Hindi as per the book)

1 घी(Ghee)- फैट बर्नर (The Fat Burner)
2 कोकुम(Kokum)- नेचुरल एंटासिड (The Natural Antacid)
3 बनाना(Banana) – रिचार्जर (The Recharger)
4 काजू(Kaju) – एंटी-डेप्रेस्सेंट  (The Anti-depressant)
5 अम्बादि(Ambadi) – स्टमक सूथर (The Stomach Soother)
6 राइस(Rice)- वंडर ग्रेन (The grain that sustains)
7 कोकोनट(Coconut) – कॉमर  (The calmer)
8 अलिव(Aliv) – द ब्यूटी पिल (The Beauty Pill)
9 जैकफ्रूट(Jackfruit) – द फर्टिलिटी बूस्टर (The Fertility Booster)
10

शुगर(Sugar) -द एंटी एजिंग सीक्रेट (The Anti Ageing  Secret)

 

इन दस सुपर फूड्स क बारे में बहुत ही संक्षेप में ऊपर बताया गया है.आईये  इनमे से 1 सुपरफूड्स क बारे में थोड़ा और विस्तार में जानते हैं. (Lets get more out of the book Indian Superfoods in Hindi by Rujuta Diwekar)

पहला इंडियन सुपर फ़ूड – घी (1st Indian Super Food in Hindi:- Ghee – The Fat Burner )

Ghee- the 1st super food
Health benefits of Ghee in Hindi-an Indian Super food

इंडियन कलचर (Indian culture)में घी को एक अलग ही स्थान मिला हुआ है. पूजा समारोह में बनाया जाने वाला पंचामृत में दूध और दूध से बानी चीज़ें सबसे ज़्यादा मात्रा में होती हैं और इसमें से सबसे ज़्यादा होता है घी. हमारे जन्म से लेकर मरण तक घी इस्तेमाल में लाया जाता है.घी का दीपक जलाकर और मरने पर भी अग्नि से पहले घी डालकर – घी जीवन भर हमसे जुड़ा होता है. इन बातों से ही हमे घी का महत्व समझ जाना चाहिए. कुछ तो ज़रूर ही ख़ास होगा घी में जो इसे इतना सम्मान मिला हुआ है. 

 अब अगर हेल्थ की बात करें तो कोई भी अच्छा डायटीशियन आपको घी खाने से मना नहीं करेगा. बल्कि घी तो हमे ज़रूर ही अपने खाने में लेना चाहिए. 

घी -द सुपर फैट(Ghee – The super Fat)

 घी को सुपर फैट बताया गया है. घी में अच्छे फैट्स (Good FATS) की मात्रा ज़्यादा होती है. टेक्नीकल(technical) शब्दों में बोलें तो इसमें SCFA – शार्ट चेन  फैटी एसिड (short chain fatty acid) काफी अधिक मात्रा में होता है. यह एक टॉप परफार्मिंग फैट (Top performing fat) होता है जो एक्चुअल में शरीर के बुरे फैट्स को काम करने में मदद करता है. यह हमारे दिल और दिमाग के लिए भी बहुत अच्छा होता है. तभी हमारी नानी हमे बोलती रहती थी “बेटा घी खाओ”. 

GI एंड घी रिलेशन(Ghee and GI<Glycemic Index> Relation)

घी हमारे खाने में मौजूद GI मतलब ग्लिकैमिक इंडेक्स को कम करता है. इसलिए ही इंडियन खाने में दाल-चावल- घी , रोटी- गुड़ – घी , पुरण-पोली  घी वगैरह इतने फेमस(famous) हैं. थोड़ा सा घी ऐड(add) कर देने से खाने की गुडवत्ता बढ़ जाती है और इसे पचाना आसान हो जाता है. खाने में GI की मात्रा ज़्यादा होने से ही बहुत सी बीमारियाँ होती हैं जिसे कम करने क लिए घी इस्तेमाल में लाया जाता रहा है. लेकिन सही ज्ञान न होने की वजह से आज हम इसे ही अपनी डाइट से हटा रहे हैं ये सोचकर कि यह हमे मोटा कर देगा जो कि  बिलकुल गलत है. रुजुता जी ने बहुत ही अच्छे से घी की गुड़वत्ता को इस बुक में बताया है. इसके साथ साथ ही घी से जुड़े बहुत से मिथ्स भी बताएं हैं. 

 

घी , प्रेगनेंसी एंड विटामिन डी कनेक्शन (Ghee, Pregnancy and Vitamin D Connection)

पुराने समय में प्रेगनेंसी के स्टार्ट से लेकर डिलीवरी तक घी बहुत अधिक मात्रा में खिलाया जाता था. पर आज प्रेग्नेंट लेडीज पूरी नॉलेज(knowledge) न होने की वजह से इस डर से कि घी उन्हें मोटा कर देगा घी को अपने खाने में नहीं लेती. उन्हें ये बात समझने की ज़रूरत है की प्रेगनेंसी के टाइम पर थाइरोइड ग्लैंड को बहुत ज़्यादा काम करना पड़ता है क्यूंकि T3 हॉर्मोन (T3 Hormone)का बहुत बड़ा रोल होता है बच्चे की डेवलपमेंट में. ऐसे में अगर घी को अपनी डाइट से हटा दें तो मतलब हम SCFA को हटा रहे हैं जिसकी वजह से विटामिन डी का बॉडी में अच्छे से अब्सॉर्प्शन (absorption) नहीं हो पायेगा. विटामिन डी (Vitamin D) एक फैट सॉल्युबल विटामिन (Fat Soluble Vitamin)है. विटामिन डी थाइरोइड ग्लैंड(thyroid gland) को रेगुलेट(regulate) करता है. मतलब सीधा इम्पैक्ट(impact) हमारे थाइरोइड ग्लैंड(thyroid gland) पर होता है इसलिए प्रेगनेंसी में और इसके बाद आजकल हाइपोथायरायडिज्म (hypothyroidism) के केसेस(cases) बढ़ गए हैं. 

घी डिलीवरी प्रोसेस (delivery process) को भी स्मूथ (smooth)बनाने में मदद करता है. इसलिए इसे प्रेगनेंसी के टाइम पर अपनी डाइट में ज़रूर ही शामिल करें. 

Fat Burning Coffee:

आजकल एक नया ट्रेंड शुरू हुआ है – फैट बर्निंग कॉफ़ी. जानते हैं इसमें क्या मिला होता है? इस कॉफ़ी में ज़रूरी फैट्स मतलब घी डाला जाता है जिससे उसकी GI की मात्रा कम की जा सके.और ये फैट बर्नर की तरह काम करता है. बटर चाय का भी यही फंदा है. 

तो कुल मिलकर निष्कर्ष यही निकलता है की उन चीज़ों को फिर से अपनी डाइट में शामिल करना शुरू करें जो सदियों से हमारी दादी नानी और माँ करती आ रही थी. 

यह तो केवल एक सुपरफूड के बारे में कुछ इम्पोर्टेन्ट तथ्य थे. रुजुता की बुक में ऐसे बहुत सी नॉलेज(knowledge) भरी पड़ी है. हम और भी सुपरफूड्स के बारे में पोस्ट लिखने की कोशिश करेंगे. 

आपको ये बुक ज़रूर ही पढ़नी चाहिए. वैसे तो रुजुता की सारी ही बुक्स नॉलेज से भरी हैं. इन्हे पढ़ने के बाद आप डाइट का असली मतलब समझ पाएंगे. और हैल्थी रहना बहुत ही आसान लगेगा. 

 

यह बुक अमेज़न(Amazon) पर हिंदी और इंग्लिश दोनों ही लैंग्वेज (lanuguage) में अवेलेबल(available) है: |Information about the Book:

Name of the Book: Indian Superfoods
Author:  Rujuta Diwekar
Price: Rs 280 (can get in Rs 200 after discount)
Pages:  200

 

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