ब्लूबेरी के सेहत के लिए फायदे |Blueberries Benefits in hindi

ब्लूबेरी के सेहत के लिए फायदे और नुकसान ( Blueberries Health Benefits and side effects in hindi )

ब्लूबेरी एक तरह का फल है जो छोटा और गोल आकार का होता है। यह दिखने में ब्लू यानि नीला या जामुनी रँग का होता है। टेस्ट (taste) में यह टेंगी(tangy) या खट्टा मीठा स्वाद का होता है। ब्लूबेरी अन्य बेरीज जैसे क्रैनबेरी, स्ट्रॉबेरी, कोजी बेरीज , मलबेरीज, रसबेर्रिज जैसे ही बहुत सारे विटामिन्स और मिनरल्स से भरा होता है। तो आखिर अन्य बेरीज से हटकर ख़ास क्या है इसमें जो इसे एक सुपरफूड(superfood) की केटेगरी(category)  में रखा जाता है? आइये आज जानते हैं ब्लूबेरी के सेहत के लिए फायदे और नुकसान ( Blueberries Benefits and side effects in hindi).

ब्लूबेरी क्या होता है और इसे हिंदी में क्या बोलते हैं| what is blueberries in Hindi? Blueberry fruit in Hindi:

जैसा की हम बता ही चुके हैं की ब्लूबेरी एक तरह का फल है जो गोल आकार का और खट्टे मीठे स्वाद का होता है। ब्लूबेरी को हिंदी में नीलबदरी भी बोलते हैं। यह अधिकतर उत्तरी अमेरिका(North America) में पैदा होता है क्यूंकि वहां की जलवायु और मिटटी इसकी पैदावार के लिए बिलकुल उपयुक्त है। इसके अलावा यह यूरोप(europe) और कनाडा (canada)में भी उगाया जाता है। यूरोप में इसे बिलबेरी(Bilberry) बोलते हैं। सबसे उच्च कोटि के ब्लूबेरी अमेरिका के ही प्रसिद्द है। भारत में इसे इन्ही देशों से निर्यात किया जाता है।

क्या ब्लूबेरी और जामुन एक ही हैं | Are Blueberries same as Jamun?

ब्लूबेरी के नीले या जामुनी रँग के कारण बहुत से लोगो को यह ग़लतफ़हमी होती है कि ब्लूबेरी और जामुन एक ही हैं (Blueberry in Hindi Jamun)। लेकिन ऐसा नहीं है। ब्लूबेरी क्या होता है यह तो ऊपर पढ़कर समझ आ ही गया होगा। जामुन तो भारत में आसानी से उगाया और जगह जगह पाया जाता है जबकि ब्लूबेरी या नीलबदरी भारत में नहीं पैदा होता। जामुन का आकर और साइज भी ब्लूबेरी से अलग होता है। यह अक्सर थोड़ा बड़ा ही होता है ब्लूबेरी से।

 Nutrient Value of Blueberry(Blueberries Benefits in hindi)|ब्लूबेरी की नुट्रिएंट वैल्यू या पोषक तत्त्व:

ब्लूबेरी में पाए जाने वाले न्यूट्रिएंट्स की पूरी जानकारी इस प्रकार है:

Nutrient Values in Blueberry in Hindi
Nutritional Values in Blueberry fruit in Hindi

ब्लूबेरी को कितनी मात्रा में खाये?| How much blueberries to eat on daily basis:

डॉक्टर ग्रेगर ने अपनी किताब “हाउ नॉट टू डाई”(How not to Die) में ब्लूबेरी और अन्य बेरीज के बारे में एक पूरा चैप्टर लिखा है। उनके हिसाब से हरी सब्जियां -सब्जिओं में सबसे सर्वश्रेष्ठ होती हैं और फलों में बेरीज ही सबसे सर्वश्रेष्ठ हैं। इसलिए हमे बेरीज को रोज़ाना अपने डाइट में शामिल करना चाहिए।

सर्विंग साइज ऑफ़ बेरीज:

60 gm – अगर फ्रेश या फ्रोजेन बेरीज हैं तो
40 gm – अगर ड्राइड बेरीज ले  हैं

डेली रेकमेंडेशन्स: (Daily Recommendation):
1 सर्विंग पर डे – मतलब एक दिन में एक बार ही काफी है

कैसे खाएं ब्लूबेरी को (How to have Blueberries in our diet):

निम्न तरीकों से आप ब्लूबेरी को अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं:
फ्रेश ब्लूबेरी – यह मार्किट में आराम से मिल जाती है। हाँ थोड़ी महंगी ज़रूर है पर इसके बेनिफिट्स भी तो इतने सारे हैं और फिर यह टेस्टी भी बहुत है।

फ्रोजेन ब्लूबेरी– अक्सर लोगो को यह ग़लतफ़हमी होती है कि फ्रोजेन चीज़ें ज़्यादा पौष्टिक नहीं होती। मुझे भी यही लगता था। पर फैक्ट तो यह है कि यह उतनी ही लाभकारी होती हैं जितनी कि फ्रेश। इसलिए हम आराम से फ्रोजेन बेरीज खा सकते हैं।

ब्लूबेरी केक, पेस्ट्री , या ब्लूबेरी योगर्ट (दही) – इन तरीको से भी हम इसे अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं जो टेस्ट और फ्लेवर दोनों बढाती है

नाश्ते कि तरह: यह एक पूर्ण और स्वादिष्ट नाश्ते कि तरह भी खाया जा सकता है। अधिक फाइबर कि वजह से यह आपको देर तक भूक नहीं लगने देगा।

Benefits of Blueberries in Hindi|ब्लूबेरी के फायदे:

ब्लूबेरी में पाया जाने वाला एन्थोस्यानिन(Anthocyanin) पिग्मेंट जो इसके रंग के लिए भी ज़िम्मेदार है इसे एक सुपर फ़ूड बनाने का काम करता है। इसके कुछ सबसे मत्वपूर्ण फायदों पर नज़र डालते हैं:

ब्लूबेरी के नुकसान ( Side effects of blue berries ):

वैसे तो अगर सही मात्रा में खाया जाये तो ब्लूबेरी खाने से कोई नुकसान नहीं होगा। कहते हैं ना ज़रूरत से ज़्यादा कोई भी चीज़ नुक्सान ही करती ह। ब्लूबेरी पर भी यह लागू होता है। आईये जानते हैं कि किन केसेस (cases) में यह नुकसान दे सकती है।

  • प्रेगनेंसी और ब्रैस्ट फीडिंग के टाइम : इस अवस्था में भी अगर सही मात्रा में लिया जाए तो कोई नुकसान नहीं। फिर भी क्यूंकि हर प्रेगनेंसी और उसकी कॉम्प्लीकेशन्स अलग होती हैं इसलिए एक बार अपने डॉक्टर से सलाह लेकर ही ब्लूबेरी को डाइट में शामिल करे।
  • डायबिटीज के केस में: बहुत अधिक मात्रा में सेवन करने पर यह ब्लड इन्सुलिन लेवल को बढ़ा सकता है , इसलिए सही मात्रा और प्रॉपर कण्ट्रोल ज़रूरी हो जाता है डायबिटिक पेशेंट्स के केस में।
  • ग्लूकोस-6-फॉस्फेट देहयड्रोजनएस (G6PD) डेफिशियेंसी – यह एक जेनेटिक डिसऑर्डर है। ब्लूबेरी में पाए जाने वाले कुछ चेमिकल्स इस बीमारी वाले पेशेंट्स में प्रॉब्लम कर सकते हैं। इसलिए इस केस में भी डॉक्टर से सलाह लेनी पड़ेगी।
  • सर्जरी: क्यूंकि ब्लूबेरी ब्लड शुगर लेवल को बढ़ा सकती है इसलिए सर्जरी होने पर इसे अवॉयड करना चाहिए।
  • अगर आप ब्लड थिन्निंग (Blood Thinning) की दवा ले रहे हो : विटामिन k होने कि वजह से ब्लूबेरी ब्लड को पतला करता है। तो अगर आप पहले ही ब्लड पतला करने वाली दवा खा रहे हो तो इसे अवॉयड करिये।

तो आपको यह ब्लूबेरी क बारे में जानकारी-“ब्लूबेरी के सेहत के लिए फायदे और नुकसान( Blueberries Benefits and side effects in hindi )” कैसी लगी? उम्मीद करते हैं आप इसके फायदों को समझते हुए इसे स्मार्टली (Smartly )अपनी डाइट में ज़रूर शामिल करेंगे।

स्मार्ट जानकारी पढ़िए और लाइफ को स्मार्ट ज़िन्दगी बनाइये।

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